दुर्ग 6 जून 2026/ करोड़ों रुपये के ऑनलाइन सट्टे का ऐसा जाल, जो भिलाई से संचालित होकर नागपुर में बैठी टीम के जरिए देशभर में फैलाया जा रहा था, आखिरकार दुर्ग पुलिस की सटीक सूचना और रणनीतिक कार्रवाई के आगे ढह गया। थाना छावनी पुलिस ने अंतर्राज्यीय ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए मास्टरमाइंड समेत 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में 26 मोबाइल, 3 लैपटॉप, 2 आईपैड, 85 एटीएम कार्ड, 45 सिम कार्ड, 18 पासबुक, डेढ़ लाख रुपये से अधिक नकदी और करीब 23 लाख रुपये मूल्य के सोने-डायमंड के आभूषण जब्त किए गए हैं।
पुलिस को सूचना मिली थी कि गणेश चौक, कैम्प-2 भिलाई निवासी निशांत कुमार गुप्ता (29 वर्ष) पिता राजेश गुप्ता लंबे समय से ऑनलाइन क्रिकेट बेटिंग का नेटवर्क संचालित कर रहा है। जांच में खुलासा हुआ कि वह “C-B Cricket Buzz Betting App” और “RubyBet” प्लेटफॉर्म की आईडी चलाता था तथा पुलिस से बचने के लिए अपने सहयोगियों को महाराष्ट्र के नागपुर में किराये का मकान लेकर वहां से ऑनलाइन सट्टा संचालित करवा रहा था। तकनीकी साक्ष्य मिलने के बाद थाना छावनी में अपराध क्रमांक 371/2026 दर्ज किया गया और विशेष टीम नागपुर रवाना की गई।
नागपुर स्थित ठिकाने पर दबिश के दौरान पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा संचालित करते हुए अखिलेश यादव (22 वर्ष), निवासी खुड़ापार, थाना मेहनगर, जिला आजमगढ़ (उ.प्र.), पंकज यादव (22 वर्ष), निवासी खुड़ापार, थाना मेहनगर, जिला आजमगढ़ (उ.प्र.), आशीष जायसवाल (20 वर्ष), निवासी खेरी कोठा, थाना मधुवन, जिला मऊ (उ.प्र.), विशाल पटेल (29 वर्ष), निवासी बरवा विद्यापति, थाना महाराजगंज, जिला महाराजगंज (उ.प्र.), शिवम चौहान (23 वर्ष), निवासी झउवा, थाना मेहनगर, जिला आजमगढ़ (उ.प्र.), जयहिंद यादव (22 वर्ष), निवासी कुढ़ापार, थाना मेहनगर, जिला आजमगढ़ (उ.प्र.), वेचन मुखिया (24 वर्ष), निवासी बेनीपुर, थाना बहेड़ा, जिला दरभंगा (बिहार) तथा भागीरथ राम (35 वर्ष), निवासी नयागांव, थाना रेयाम, जिला दरभंगा (बिहार) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ऑनलाइन सट्टे में डिपॉजिट, विड्रॉल, बैंक खातों का संचालन, आईडी मैनेजमेंट और तकनीकी गतिविधियों का काम करते थे। इसके बदले उन्हें प्रतिमाह 20 से 25 हजार रुपये वेतन और अन्य सुविधाएं दी जाती थीं। जांच में सामने आया कि गिरोह प्रतिदिन 4 से 5 लाख रुपये और प्रतिमाह करीब 1.50 करोड़ रुपये का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर रहा था। सट्टे की रकम को छिपाने के लिए फर्जी, छलपूर्वक या अवैध तरीके से प्राप्त बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जाता था।
विवेचना के दौरान पुलिस ने 26 एंड्रॉयड मोबाइल, 3 लैपटॉप, 2 आईपैड, 85 एटीएम कार्ड, 18 बैंक पासबुक, 45 सिम कार्ड, 19 पावर बैंक, 19 एक्सटेंशन बोर्ड, चेकबुक, आधार कार्ड, हिसाब-किताब रजिस्टर, महत्वपूर्ण दस्तावेज और 1,54,620 रुपये नकद जब्त किए। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता ने ऑनलाइन सट्टे से अर्जित रकम से खरीदे गए करीब 15 तोला सोना एवं डायमंड मिश्रित आभूषण महावीर ज्वेलर्स, पावर हाउस भिलाई में गिरवी रखे थे। पुलिस ने लगभग 23 लाख रुपये मूल्य के इन आभूषणों को भी जब्त कर लिया।
आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम की धारा 7, बीएनएस की धारा 112, 61(2), 317(2), 317(3), 317(4) तथा टेलीकॉम अधिनियम की धारा 42 के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और अन्य राज्यों में फैले आर्थिक तंत्र की विस्तृत जांच कर रही है।
गौरतलब है कि दुर्ग पुलिस की इस कार्रवाई ने ऑनलाइन सट्टे के उस संगठित नेटवर्क को बेनकाब किया है, जो युवाओं को रोजगार का लालच देकर करोड़ों रुपये के अवैध कारोबार में झोंक रहा था।






