धमतरी 31 मई 2026/ जिस पुलिस को लोग आमतौर पर कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण से जोड़कर देखते हैं, उसी पुलिस ने अब युवाओं के भविष्य संवारने की जिम्मेदारी भी अपने कंधों पर उठा ली है। धमतरी पुलिस की अनूठी पहल “पुलिस की पाठशाला” ने जिले के हजारों जरूरतमंद और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए सफलता के नए दरवाजे खोल दिए हैं। यह निःशुल्क पुस्तकालय और बुक बैंक केवल किताबों का संग्रह नहीं, बल्कि उन युवाओं के सपनों का सहारा बनने जा रहा है जो संसाधनों के अभाव में अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
धमतरी पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग एवं सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी पहल का शुभारंभ रविवार को छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने किया। उन्होंने फीता काटकर पुस्तकालय का उद्घाटन किया और इसकी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे मजबूत आधारशिला होती है। “पुलिस की पाठशाला” केवल एक पुस्तकालय नहीं बल्कि हजारों युवाओं के सपनों को नई दिशा देने वाला ज्ञान केंद्र है। उन्होंने प्रदेश के प्रत्येक जिले में ऐसी पहल शुरू करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के समान अवसर मिलने चाहिए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने कहा कि धमतरी पुलिस की टैगलाइन “जन सेवा, सुरक्षा और विश्वास” को वास्तविक रूप देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि पुस्तकालय में UPSC, CGPSC, SSC, रेलवे, बैंकिंग, रक्षा सेवाएं, व्यापम, शिक्षक भर्ती, पटवारी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक पुस्तकें, अध्ययन सामग्री और संदर्भ ग्रंथ निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही विद्यार्थियों को इंटरव्यू गाइडेंस, व्यक्तित्व विकास, स्पोकन इंग्लिश, डिक्शनरी, रेफरेंस बुक्स और मोटिवेशनल साहित्य जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने युवाओं को पुस्तकों से मित्रता करने का संदेश देते हुए कहा कि ज्ञान ही सफलता का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा कि जो युवा पुस्तकों के साथ जुड़ते हैं, वे जीवन में निश्चित रूप से बड़ी उपलब्धियां हासिल करते हैं। वहीं डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव ने इस पहल को समाज के विकास की मजबूत नींव बताते हुए कहा कि शिक्षा और ज्ञान के माध्यम से ही बेहतर भविष्य का निर्माण संभव है।
इस अभियान को समाज का भी भरपूर सहयोग मिला। रेड क्रॉस सोसायटी, लायंस क्लब, रोटरी क्लब, इनरव्हील क्लब, चैंबर ऑफ कॉमर्स, यूथ हॉस्टल, शिक्षक संघ, पुलिस पेंशनर संघ, विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों सहित अनेक समाजसेवियों ने बड़ी संख्या में पुस्तकें दान कर इस जनहितकारी प्रयास में सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के दौरान पुस्तकालय के लिए विशेष योगदान देने वाले समाजसेवियों, संस्थाओं और अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, आईपीएस ऑफिसर्स वाइफ एसोसिएशन की प्रमुख ज्योति गौतम, कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पांडेय, सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों, मीडिया प्रतिनिधियों, पुलिस पेंशनर्स, पूर्व सैनिकों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही।
गौरतलब है कि धमतरी पुलिस का यह प्रयास केवल एक पुस्तकालय स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस सोच का प्रतीक है जिसमें कोई भी प्रतिभा संसाधनों के अभाव में पीछे न रह जाए। आने वाले समय में “पुलिस की पाठशाला” जिले के युवाओं के लिए ज्ञान, मार्गदर्शन और सफलता का ऐसा केंद्र बन सकती है, जहां से निकलने वाले सपने सीधे मंजिल तक पहुंचें।






