नुआखाई जुहार पर रायपुर में सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित, रक्तदान महाकुंभ में 2,548 लोगों ने किया रक्तदान
रायपुर, 22 अक्टूबर 2026। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने युवाओं से बड़े सपने देखने, अपने ज्ञान और कौशल को निरंतर विकसित करने तथा व्यक्तिगत सफलता को समाज एवं राष्ट्र की सेवा से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ज्ञान के साथ विनम्रता, महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवा-भाव जुड़ना चाहिए। युवाओं के ईमानदार प्रयास ही विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में नुआखाई जुहार के अवसर पर आयोजित सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, युवा, महिलाएं और समाज के विभिन्न वर्गों के नागरिक उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति ने नुआखाई की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमारी समृद्ध कृषि परंपरा, सामाजिक एकता और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। अन्न केवल भोजन नहीं, बल्कि किसानों के परिश्रम, धरती की उदारता और प्रकृति के अनमोल उपहार का प्रतीक है। अन्न का सम्मान करना, किसानों के योगदान को स्वीकार करना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना सभी का सामूहिक दायित्व है।

उन्होंने युवाओं से जीवन में सीखना कभी बंद नहीं करने, पुस्तकें पढ़ने, प्रश्न पूछने, नई चीजें सीखने और चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करने की अपील की। राष्ट्रपति ने कहा कि सफलता और असफलता जीवन का हिस्सा हैं। असफलताओं से निराश होने के बजाय उनसे सीखकर आगे बढ़ना चाहिए। युवाओं का ज्ञान जरूरतमंदों के काम आए, उनकी प्रतिभा समस्याओं का समाधान करे और उनकी सफलता समाज में सकारात्मक बदलाव लाए, तभी उपलब्धियों का वास्तविक महत्व है।
विकसित भारत के लिए महिलाओं की समान भागीदारी जरूरी
राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महिलाओं की समान भागीदारी आवश्यक है। देश की आधी आबादी को आगे बढ़ने के समान अवसर दिए बिना राष्ट्र अपनी पूरी क्षमता से प्रगति नहीं कर सकता। उन्होंने महिलाओं से सामाजिक और राष्ट्रीय गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। साथ ही पुरुषों और युवाओं से आग्रह किया कि वे बहनों और बेटियों को ऐसा वातावरण दें, जिसमें वे बिना किसी बाधा के अपने सपनों को पूरा कर सकें।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास के बदलाव का उल्लेख
छत्तीसगढ़ में हो रहे सकारात्मक बदलावों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों तथा युवाओं की दृढ़ इच्छाशक्ति से प्रदेश के युवा नक्सलवाद के भटकाव से निकलकर मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां कभी आतंक का अंधेरा था, वहां आज विकास का उजियारा फैल रहा है। यह बदलाव युवाओं और उनके परिवारों के कल्याण के साथ छत्तीसगढ़ तथा देश की प्रगति को भी गति दे रहा है।
राज्यपाल ने नुआखाई को बताया सामाजिक एकता का पर्व
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रदेशवासियों को नुआखाई जुहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व नई फसल के स्वागत, धरती माता के प्रति कृतज्ञता और किसानों के परिश्रम के सम्मान का अवसर है। नुआखाई हमारी कृषि संस्कृति, सामाजिक एकता और आपसी सहयोग की परंपरा को मजबूत करता है।
राज्यपाल ने राष्ट्रपति की उपस्थिति को प्रदेश के लिए प्रेरणादायक बताते हुए उनके संघर्ष, सादगी, समर्पण और सेवाभाव की सराहना की। उन्होंने युवाओं से नशे और भटकाव से दूर रहकर ज्ञान, कौशल तथा नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, शिक्षित, संस्कारित और सेवाभावी युवा ही सशक्त समाज तथा विकसित राष्ट्र की मजबूत आधारशिला हैं। राज्यपाल ने रक्तदाताओं, विशेषकर महिला रक्तदाताओं की भी सराहना की।
राष्ट्रपति का जीवन बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि उनका प्रदेश से गहरा आत्मीय संबंध है। ओडिशा के एक छोटे से गांव से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की उनकी जीवन यात्रा संघर्ष, सादगी, शिक्षा, सेवा और दृढ़ संकल्प की प्रेरणादायक मिसाल है। उनका जीवन विशेष रूप से देश की बेटियों, युवाओं तथा जनजातीय और ग्रामीण अंचलों के लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सदियों पुराने सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंध हैं। ओड़िया समाज ने अपनी मेहनत, सादगी और सेवाभाव से छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। नुआखाई के अवसर पर सेवा सम्मान और युवा प्रबोधन का आयोजन सांस्कृतिक परंपराओं को समाज सेवा तथा युवा सशक्तीकरण से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल है।
शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की निर्णायक भूमिका होगी। राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता के अवसरों का विस्तार कर रही है।
उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेन्द्रगढ़ और कवर्धा में पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं। नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना की जा रही है, जहां प्रतिवर्ष लगभग चार हजार युवाओं को आधुनिक तकनीक एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन के माध्यम से छह लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण देने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति और छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति के माध्यम से रोजगार तथा उद्यमशीलता को बढ़ावा दिया जा रहा है। युवाओं के नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड बनाया गया है। प्रदेश में फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी कैंपस, निफ्ट और नाइलिट जैसे संस्थानों की स्थापना की दिशा में भी पहल की गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना है।
रक्तदान महाकुंभ में 2,548 लोगों ने किया रक्तदान
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित रक्तदान महाकुंभ में 2,548 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। इनमें 1,188 महिलाएं शामिल रहीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने रक्तदाताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि रक्तदान मानवता की महान सेवा है। महिलाओं की बड़ी भागीदारी छत्तीसगढ़ की सेवा भावना, सामाजिक सहभागिता और नारी शक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्य संदेश: राष्ट्रपति ने युवाओं को राष्ट्रसेवा, महिलाओं की समान भागीदारी, किसानों के सम्मान और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा का संकल्प लेने का संदेश दिया। वहीं, रक्तदान महाकुंभ में हजारों लोगों की भागीदारी ने सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को प्रदर्शित किया।




