हिमालयन गोरल ने दिया मेमने को जन्म, एक दशक बाद मिली बड़ी सफलता
बिलासपुर 23 जून 2026/ कानन पेंडारी जूलॉजिकल पार्क में करीब दस वर्षों के लंबे इंतजार के बाद वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल हुई है। पार्क में एक मादा हिमालयन गोरल ने स्वस्थ मादा शावक (मेमने) को जन्म दिया है। इस उपलब्धि से जू प्रबंधन और वन विभाग में खुशी का माहौल है तथा इसे संरक्षण एवं प्रजनन कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 में दिल्ली जू से एक नर और दो मादा हिमालयन गोरल कानन पेंडारी लाए गए थे। हालांकि लंबे समय तक इनके प्रजनन में सफलता नहीं मिल सकी। बाद में प्रजनन की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए एक और जोड़ा भी लाया गया, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। इस चुनौती को देखते हुए जू के वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. पी.के. चंदन ने हिमालयन गोरल के स्वभाव, व्यवहार और प्राकृतिक आवास का गहन अध्ययन किया। अध्ययन के आधार पर उनके लिए ऐसा वातावरण तैयार किया गया, जो उनके प्राकृतिक रहन-सहन के अधिक अनुकूल हो। लगातार निगरानी, बेहतर पोषण और वैज्ञानिक प्रबंधन के सकारात्मक परिणाम अब सामने आए हैं। हाल ही में एक मादा गोरल ने स्वस्थ मादा मेमने को जन्म दिया है। जन्म के बाद शावक पूरी तरह स्वस्थ है और अपनी मां के साथ सामान्य गतिविधियां कर रही है। जू प्रबंधन द्वारा दोनों की विशेष निगरानी की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार हिमालयन गोरल पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में पाए जाने वाले दुर्लभ वन्यजीव हैं। ऐसे में मैदानी क्षेत्र स्थित किसी जूलॉजिकल पार्क में उनका सफल प्रजनन होना एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। यह सफलता भविष्य में इस प्रजाति के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी। जू प्रबंधन ने इसे कानन पेंडारी के संरक्षण प्रयासों की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे भविष्य में अन्य दुर्लभ वन्यजीवों के प्रजनन कार्यक्रमों को भी नई दिशा और प्रोत्साहन मिलेगा।





