बसना/अरेकेल।
पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित भविष्य की दिशा में शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय अरेकेल के विद्यार्थियों ने ई-कचरा प्रबंधन को लेकर जागरूकता की पहल की है। समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ के विशेष अभियान के तहत विद्यालय में विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। शिक्षक प्रेमचन्द साव के नेतृत्व में बाल कैबिनेट और सी.वी. रमन बाल विज्ञान क्लब के विद्यार्थी ई-कचरे के दुष्प्रभावों और उसके सुरक्षित निपटान का संदेश सहपाठियों से लेकर ग्राम समुदाय तक पहुंचाने में जुटे हैं।
आज के डिजिटल युग में मोबाइल फोन, चार्जर, बैटरी, कंप्यूटर सहित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग तेजी से बढ़ा है। अनुपयोगी होने के बाद इन उपकरणों से निकलने वाला ई-कचरा पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। इसी समस्या के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विद्यालय में विद्यार्थियों को ई-कचरे के सुरक्षित प्रबंधन, पृथक संग्रहण और पुनर्चक्रण के महत्व की जानकारी दी जा रही है।
प्रार्थना सभा से घर-घर तक पहुंचेगा जागरूकता का संदेश
अभियान के तहत विद्यार्थियों को चर्चा, प्रश्नोत्तरी, जागरूकता संदेश और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से ई-कचरे के उचित प्रबंधन के बारे में बताया गया। बाल कैबिनेट के सदस्य अपने सहपाठियों को ई-कचरा अलग एकत्रित करने और उसके सुरक्षित निपटान के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वहीं, सी.वी. रमन बाल विज्ञान क्लब के विद्यार्थी वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ई-कचरे के दुष्प्रभावों और पुनर्चक्रण की उपयोगिता को समझने के साथ जागरूकता फैलाने में भूमिका निभा रहे हैं।
विद्यार्थियों को बताया गया कि इलेक्ट्रॉनिक कचरे को सामान्य कचरे में नहीं मिलाना चाहिए और न ही खुले में जलाना चाहिए। इसे अलग एकत्रित कर अधिकृत रिसाइक्लर या निर्धारित संग्रहण केंद्र तक पहुंचाना आवश्यक है। इससे पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।
प्रतियोगिताओं के माध्यम से निखरी विद्यार्थियों की रचनात्मकता

ई-कचरा प्रबंधन के प्रति समझ विकसित करने और विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए निबंध, भाषण और पोस्टर-चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, ई-कचरे के दुष्प्रभावों और उसके सुरक्षित निपटान से जुड़े विषयों पर अपनी अभिव्यक्ति प्रस्तुत की।
भाषण प्रतियोगिता में हेमिका देवांगन, शिखा साव और डीमेश देवांगन ने भाग लिया। वहीं, निबंध एवं पोस्टर-चित्रकला प्रतियोगिताओं में कक्षा आठवीं से पल्लवी सिदार, नेहा साव, हेमिका देवांगन, शिखा साव, उन्नति देवांगन और डीमेश देवांगन शामिल हुए।
कक्षा सातवीं से झरना देवांगन, बिंदिया सिदार, पूनम निषाद, हिमांशी, अनुष्का चौहान, युवराज, जितेश और समर दास ने सहभागिता की। कक्षा छठवीं से भावना थापा, विजय भास्कर, अंकित देवांगन, देवेश, अनमोल, विनायक यादव, अशोक श्याम, राहुल और डेविल नाग सहित अन्य विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया।
बच्चों के माध्यम से समुदाय तक पहुंचेगी पर्यावरण संरक्षण की सोच
अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें पर्यावरण संरक्षण का संदेशवाहक बनाना भी है। विद्यार्थी अपने घरों, परिवारों और ग्राम समुदाय में ई-कचरे के सुरक्षित निपटान के प्रति जागरूकता फैलाएंगे। अक्टूबर माह के दौरान ई-कचरा संग्रहण संबंधी गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करने तथा एकत्रित ई-कचरे का नियमानुसार निपटान सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।
शिक्षक एवं जिला शैक्षिक एवं विज्ञान परिषद महासमुंद के विकासखंड सह-संयोजक प्रेमचन्द साव ने कहा कि ई-कचरे का उचित प्रबंधन आज की आवश्यकता है। बच्चों में वैज्ञानिक सोच, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करके स्वच्छ एवं सुरक्षित भविष्य की नींव रखी जा सकती है।
विद्यालय की इस पहल से विद्यार्थियों में जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित होने के साथ ही ग्राम स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। बाल कैबिनेट और सी.वी. रमन बाल विज्ञान क्लब की सक्रिय भागीदारी से यह अभियान जनभागीदारी की दिशा में आगे बढ़ेगा।






