27 अक्टूबर से शुरू होगी हवाई सेवा, सरगुजा संभाग के लोगों को मिलेगी बड़े शहरों तक पहुंचने में सहूलियत
अंबिकापुर 25 अक्टूबर 2026/ सरगुजा संभाग के लोगों का लंबे समय से देखा जा रहा हवाई कनेक्टिविटी का सपना अब साकार होने जा रहा है। मां महामाया विमानतल, अंबिकापुर से रायपुर के बीच 27 अक्टूबर 2026 को शुरू होने वाली विमान सेवा की पहली उड़ान में छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव रायपुर जाएंगे। इस नई शुरुआत को लेकर उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास आखिरकार सफल हुए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें पहल की ओर से टिकट भेजा गया है और वे महज 2,100 रुपये में रायपुर की यात्रा करेंगे।
सिंहदेव ने कहा कि इस हवाई सेवा का लाभ वे आगे भी लेते रहेंगे। उन्होंने इस पहल से जुड़े लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अब अंबिकापुर से बड़े शहरों तक पहुंचना पहले की तुलना में आसान होगा। मां महामाया विमानतल का उल्लेख देश के अन्य हवाई अड्डों पर होने लगा है, जो पूरे सरगुजा संभाग के लिए गर्व और खुशी की बात है।
सप्ताह में तीन दिन चलेगा 72 सीटर विमान
निर्धारित समय-सारणी के अनुसार, अंबिकापुर से रायपुर के लिए 72 सीटों वाला विमान सप्ताह में तीन दिन उड़ान भरेगा। अंबिकापुर से विमान दोपहर 2:05 बजे रवाना होकर 3:05 बजे रायपुर पहुंचेगा। वहीं, रायपुर से अंबिकापुर के लिए विमान दोपहर 12:40 बजे उड़ान भरकर 1:40 बजे मां महामाया विमानतल पहुंचेगा। इस तरह दोनों शहरों के बीच हवाई सफर लगभग एक घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
एक ही दिन में बड़े शहरों तक पहुंचना होगा आसान
टीएस सिंहदेव ने विमान सेवा की समय-सारणी को सुविधाजनक बताते हुए कहा कि इससे दूसरे शहरों से आने वाले लोग दोपहर तक अंबिकापुर पहुंच सकेंगे। वहीं, सरगुजा से रायपुर जाने वाले यात्री भी वहां से आगे की उड़ान लेकर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, भोपाल और गोवा जैसे शहरों तक उसी दिन यात्रा कर सकेंगे, उपलब्ध कनेक्टिंग फ्लाइट के समय पर निर्भर करते हुए।
उन्होंने कहा कि अंबिकापुर से हवाई सेवा शुरू होना केवल परिवहन सुविधा का विस्तार नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे आम यात्रियों के साथ-साथ व्यापार, पर्यटन और अन्य जरूरी कामों से यात्रा करने वाले लोगों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
नई हवाई सेवा से सरगुजा संभाग की राजधानी रायपुर से दूरी अब सड़क मार्ग की लंबी यात्रा के बजाय लगभग एक घंटे की उड़ान में तय की जा सकेगी। यह सुविधा क्षेत्र के लोगों के लिए समय बचाने और बड़े शहरों से संपर्क मजबूत करने में अहम साबित हो सकती है।





