बिलासपुर।अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में “प्रकृति की रक्षा – भविष्य की सुरक्षा” विषय पर “सुजलाम-सुफलाम” अभियान के अंतर्गत एक सार्थक एवं जागरूकता-आधारित व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन तथा प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करना रहा।कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के सभागार में किया गया।इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता आचार्य अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी जी ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की आदतें बचपन से ही विकसित की जानी चाहिए, क्योंकि वही आदतें भविष्य की सबसे बड़ी पूँजी बनती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को उपयोगवादी जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संदेश भी दिया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजेश जैन , अखिल भारतीय पर्यावरण प्रमुख ने “सुजलाम-सुफलाम” की अवधारणा को सरल शब्दों में समझाते हुए जल को जीवन का मूल आधार बताया और उसके संरक्षण पर विशेष बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में छोटे-छोटे प्रयासों, विशेषकर वृक्षारोपण एवं वृक्षों की सुरक्षा, के लिए प्रेरित किया।उन्होंने कहा कि मनुष्य भोजन के बिना 5–6 दिन तक जीवित रह सकता है, जल के बिना 3–4 दिन तक, किंतु वायु के बिना कुछ क्षण भी संभव नहीं हैं—इसलिए वृक्षों की रक्षा एवं जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।कार्यक्रम में गणेश जी (विभाग प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) तथा अक्षय अलकारी (प्रांत संयोजक, बिलासपुर) की गरिमामयी उपस्थिति भी रही, जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण जैसे सामाजिक दायित्वों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को अत्यंत आवश्यक बताया।कार्यक्रम का संचालन एवं अतिथि परिचय डॉ. अतुल दुबे द्वारा सुव्यवस्थित एवं प्रभावशाली ढंग से किया गया, जिससे कार्यक्रम पूरे समय अनुशासित और उद्देश्यपूर्ण बना रहा।एंकरिंग डॉ. महेंद्र मेहता द्वारा की गई।कार्यक्रम के अंत में डॉ. तारनीश गौतम द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों,विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही विश्वविद्यालय को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक मॉडल विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया गया।विश्वविद्यालय प्रशासन ने भविष्य में भी विद्यार्थियों के नैतिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय विकास से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों के सतत आयोजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की। डॉ गौरव साहू डॉ अंकुर शुक्ला डॉ सुमोना भट्टाचार्य डॉक्टर पूजा पांडे डीआर हमिद अब्दुल्ला डॉक्टर जितेंद्र गुप्ता डॉ एच एस होता जी नेहा रतिया एवं बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित थे।






