
बिलासपुर 20 जनवरी 2026 /नगर के रेल्वे परिक्षेत्र में स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर के प्रांगण में सांस्कृतिक, साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन हिन्दी, छत्तीसगढ़ी एवं उडीया त्रिभाषीय उत्थान के उद्देश्य से किया गया, जिसमें हिन्दी, उड़ीया भाषा के समिश्रित पत्रिका उत्कल विलास का भव्य विमोचन एवं कवि सम्मेलन का आयोजन डॉ. वामन चन्द्र दीक्षित के संयोजन में संपन्न हुआ। वही प्रभात कुमार आचार्य के पुस्तक सुबह का अर्घ्य एवं प्रदीप किशोर पंडा की कृति काला गोसाई का भी विमोचन किया गया। आयोजन के अध्यक्ष रहे करूणाकर बहेरा एवं मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे साकेत रंजन सीनियर (डी.एस.ओ)तथा विशिष्ट अतिथि के तौर पर महाकवि डॉ. बृजेश सिंह की उपस्थिति में सर्वप्रथम मंगलाचर डॉ. वामन चन्द्र दीक्षित एवं संरस्वती वंदना राम निहोरा राजपूत के द्वारा करते हुए कार्यक्रम को प्रारंभ किया गया। जहां बालिकाओं के द्वारा उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकगणों के समक्ष भारतीय संस्कृति का परिचय देते हुए सुंदर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति सुश्री सोनाक्षी बहेरा, स्वेता शालिनी नायक, श्रृष्टि गर्ग, एवं स्वेता भारत के द्वारा दी गई। जिसमें सुश्री स्वेता शालिनी नायक द्वारा संबलपुरी नृत्य डालखाई काफी प्रसंसनीय रही। वही मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. संजय अंनत ने अपने उदबोधन में उत्कल विलास के माध्यम से चालए जा रहे त्रिभाषिय उत्थान के कार्यों का उल्लेख किया।गणेश प्रसाद शर्मा को उत्कल विलास साहित्य रत्न एवं वाणीश्री प्रभात कुमार आचार्य को उत्कल विलास साहित्य सम्मान प्रदान किया गया। प्रथम कवि के रूप में गजल अनमोल सिन्हा के द्वारा प्रस्तुत किया गया, क्रमशः जगतारन डहरे ने अपनी ओजस्वी गीतों की प्रस्तुति दी। शहर के युवा ओजस्वी कवि दीपक दुबे “सागर” द्वारा मार्मिकता से भरी मदगयंद सवैया एवं वीररस की कविताओ से श्रोतागणों को खूब प्रभावित किया। आयोजन में नगर के वरिष्ट साहित्याकारो की उपस्थिति रही जिसमें सनत कुमार तिवारी, अमृत लाल पाठक, अंजनी तिवारी, सुनील कुमार वर्मा, मनोहर मानिकपुरी, आशीष श्रीवास, शत्रुधन जैसवानी, मनोहर लाल मानिकपुरी, श्रीमती शोभा त्रिपाठी, राजेश सोनार, शीतल पाटनवार, श्रीमती आशा चन्द्राकर, श्रीमती द्रोपति साहू, संतोष श्रीवास, अशर्फी लाल सोनी, श्रीमती सरस्वती सोनी, अंकुर शुक्ला, प्रदीप कुमार पंडा, दिनेश तिवारी द्वारा विभिन्न विधाओं में अपनी काव्य प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के विशेष सहयोगी रहे वीर किशोर नायक (प्रवासी उडीया), सुब्रथ कुमार रथ, श्रीमती मनसिनी दीक्षित, लीली मलिक, दण्डपाणी नायक, खगेश्वर मलिक, बी. के. पंडा, संजय सारंगी, सुर्यमणी बहेरा। कार्यक्रम में अभार प्रदर्शन एवं शांति पाठ डॉ.वामन चन्द्र दीक्षित द्वारा किया गया।





