छत्तीसगढ़बिलासपुर

धान खरीदी बंद हुए एक माह बीत गया फिर भी धान का उठाव नहीं हुआ लाखों के धान के नुकसान के संभावना

सुरेश सिंह बैस/बिलासपुर। प्रदेश में धान खरीदी बंद हुए एक माह बीत चुका है, लेकिन अभी तक केंद्रों से धान का उठाव नहीं किया गया है। पिछले दिनों हुई बारिश की वजह से धान को नुकसान होने की आशंका बनी हुई हैं। जिले के खरीदी केंद्रों में धान को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है।

इस तरह खुले में रखा हुआ है धान

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा धनिया के अंतर्गत आने वाले सभी पांच धान खरीदी केंद्र में उठाव नहीं होने के कारण धान खुले आसमान के नीचे बारिश पड़े हुए खराब हो रहा हैं। इन खरीदी केंद्रों पर करीब पचास फीसदी धान जाम है। बीते एक माह से अधिक समय से धान का उठाव नहीं हुआ है। इससे केंद्रों में लाखों रुपए का धान असुरक्षित है। बीते दिनों रुक-रुककर हुई बारिश की वजह से केंद्र में रखे धान अंकुरित हो रहे हैं।

प्रबंधकों का कहना है बारिश और धूप से बीस फीसदी धान खराब हो गए है। अगर समय पर धान उठाव नहीं किया गया तो और भी अधिक नुकसान होने की संभावना है।जानकारी देते चलें कि यदि उपार्जन केंद्र में धान का नुकसान होता हैं, तो इसका वहन समिति प्रबंधक व स्टाफ को करना पड़ेगा, क्योंकि खरीदी केंद्रों में जीरो शॉर्टज लागू रहता है। खरीदे गए पूरे धान का हिसाब समिति को देना पड़ता है। धान शॉर्टज होने पर समिति प्रबंधन को ही भुगतान करना पड़ता है। समिति प्रबंधकों ने कहा कि शासन द्वारा धान उठाव को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इससे धान खराब हो रहा है।

जानिए… किस खरीदी केंद्र में कितना उठाव शेष

बता दें कि इस वर्ष धान खरीदी केंद्र धनिया में कुल 31 हजार 770 क्विंटल धान की खरीदी की गई। इसमें 18 हजार 720 क्विंटल का उठाव हुआ है, जबकि 13 हजार 50 क्विंटल धान का उठाव शेष है। खम्हरिया में 37 हजार 34 क्विंटल खरीदी हुई, यहां 19 हजार 373 क्विंटल उठाव बाकी है। कुकदा में 35 हजार क्विंटल खरीदी हुई, यहां 19 हजार 688 क्विंटल उठाव बाकी है। सोंठी में 66 हजार 676 क्विंटल खरीदी हुई, यहां 28 हजार क्विंटल उठाव बाकी है। वहीं निरतु में 37 हजार 662 क्विंटल खरीदी हुई, यहां 14 हजार 945 क्विंटल उठाव होना शेष है। इस तम मात्र इन 5 खरीदी केंद्र में लगभग 50 फीसदी धान का उठाव शेष है।

जमीन पर ही रखा गया है धान केंद्र में शेड व चबूतरा तक नहीं

धान खरीदी केंद्र सोंठी, कुकदा और निरतु में खुद की जमीन होने के बावजूद पर्याप्त मात्रा में चबूतरा और शेड का निर्माण नहीं कराया गया है। केंद्रों में इस बार क्षमता से अधिक धान खरीदी हुई है। पयर्याप्त चबूतरे नहीं होने से जमीनों में धान रखा हुआ है। समितियों में शेड व चबूतरे की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की वजह से प्रबंधकों को धान जमीन पर ही रखना पड़ा है। वहीं खरीदी केंद्रों में चूहों ने भी आतंक मचा रखा है रोजाना कई किलो धान को नुकसान पंहुचा रहे है।

यहां समिति के पास खुद की जमीन नही किराए की भूमि में हो रहा है धान खरीदी

ग्राम पंचायत धनिया और खम्हारिया स्थित धान खरीदी केंद्र में समिति में पास खुद की जमीन नही है यहां किसानों की निजी जमीन को किराए में लेकर धान खरीदी केंद्र बनाया गया है। यही कारण है कि यहां शेड और चबूतरे का निर्माण नहीं कराया जा सका है। यहां हजारों क्विंटल धान खुले में ही पड़ा है। खुले में होने की वजह से धान खराब होने की आशंका बढ़ गई है।

शासन से आवंटन आना बाकीः गुप्ता

मामले की जानकारी लेने के लिए जब डीएमओ शंभु कुमार गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने कहा कि शासन से आवंटन आना बाकी है, जैसे ही हमें आबंटन मिलेगा, हम डीओ काटना चालू कर देंगे ।

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