छत्तीसगढ़बिलासपुर

रामसर साईट कोपरा जलाशय में खुलेआम मछली, पक्षियों का शिकार

बिलासपुर।मछली पालन की लीज अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी कोपरा जलाशय में उपद्रवी तत्वों द्वारा मछली मारने का काम जारी है। जलाशय में है। एक साथ कई नाव का प्रवेश होते देखा जा सकता है। राज्य शासन द्वारा हाल ही में जलाशय को रामसर साईट घोषित किया गया है।परंतु जलाशय में अनाधिकृत प्रवेश कर उपद्रवी तत्वों द्वारा प्रवासी पक्षियों का शिकार करने की भी घटनाएं घट रहीं हैं।

वर्षों से कोपरा में प्रवासी पक्षियों का बसेरा

कोपरा जलाशय में प्रवासी पक्षियों का बसेरा सालों पहले से रहा है। प्रवासी पक्षियों की उपस्थिति से जलाशय की खूबसूरती में कई गुना बढ़ोतरी हो जाती है। यही कारण है कि प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में कोपरा जलाशय को रामसर घोषित किया गया है। इसके पूर्व जलाशय को स्व सहायता समूहों के माध्यम से मत्स्य पालन कर आजीविका चलाने के उद्देश्य से लीज पर दिया गया था। लीज की दस साल की अवधि फिलहाल समाप्त हो चुकी है। ऐसे में जलाशय में मछली मारने या अनाधिकृत प्रवेश मिल रहा है।जो अब
समाप्त हो जाना चाहिए। इसके विपरीत आसपास के ग्रामीण नाव लेकर जलाशय में न केवल प्रवेश कर रहे हैं, बल्कि मछली मारने का काम भी बेखौफ जारी है।

उपद्रवी तत्वों द्वारा पक्षियों के अवैध शिकार की संभावना

उपद्रवी तत्वों द्वारा जलाशय में मछली मारने के दौरान प्रवासी पक्षियों का शिकार करने की भी संभावना है, लेकिन इन पर किसी का नियंत्रण नहीं है। सिंचाई विभाग के अनुसार जलाशय तो विभाग का है, लेकिन यहां मछली पालन के लिए लीज जिला पंचायत द्वारा जारी किया गया है। ऐसे में लीज की अवधि वर्तमान में भी जारी रहने व समाप्त हो जाने की कोई जानकारी नहीं है। यही कारण है कि आसपास के ग्रामीणों को जलाशय में अनाधिकृत प्रवेश व अनैतिक मछली मारने की छूट ली जा रही है।

चौकसी का दिया जाएगा निर्देश

जलाशय में मछली पालन की लीज समाप्त हो गई है, इस बात की लोगों को जानकारी नहीं है। इसका नियंत्रण जिला पंचायत के पास है। लीज समाप्त होने के बाद भी इस तरह की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने व चौकसी के लिए चौकीदारों को निर्देशित कर दिया जाएगा।

बीएम चौहान,
– एसडीओ जल संसाधन विभाग

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