बिलासपुर 3 अप्रैल 2026/ लाख कोशिशों के बावजूद सिम्स के सामने अवैध पार्किंग को हटाने में प्रशासनिक अमला विफल हो चुका है। खानापूर्ति कार्रवाई का असर महज दो चार दिनों तक रहता है, इसके बाद स्थिति जस की तस हो जाती है।गुमटियों का डेरा सिम्स में रोजाना दुर्घटना के बाद दो दर्जन से अधिक लोग एम्बुलेंस में पहुंचते हैं, लेकिन जाम की स्थिति के कारण हमेशा विलंब का सामना करना पड़ता है, ऐसे में मरीज की जान भगवान के भरोसे ही होती है। सिम्स प्रबंधन ने नगर निगम और यातायात पुलिस को कई बार चिट्ठी लिखी है, लेकिन समस्या पर ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।सिम्स में सामने गुमटी और ठेलों के साथ ही निजी एम्बुलेंस चालकों का कब्जा बना हुआ है। यह स्थिति दिन ब दिन बिगड़ती जा रही है। सिम्मा के गावों से हर बार हुज्जतबाजी की जाती है, जिसके चलते प्रबंधन अब इनसे मुंह नहीं लग रहा है। दूसरी ओर प्रबंधन द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिख समस्या से निजात दिलाने की मांग की गई है, लेकिन महज खानापूर्ति कार्रवाई ही की जाती है। खास बात यह है कि कुछ माह पहले कोर्ट के संज्ञान के बाद प्रशासन ने कार्रवाई कर निजी एम्बुलेंस चालकों को सिम्स के पीछे रिवर व्यू रोड पर जगह दिलाई और वहीं एम्बुलेंस रखने की हिदायत दी थी, लेकिन रोजाना सिम्स के सामने ही एम्बुलेंस खड़ी की जा रही है। इसी प्रकार तेले और गुटियों को भी नगर निगम ने हटाया था. कार्रवाई के बाद 3 से 4 दिनों तक स्थिति बनी रहीं पर निगम की अनदेखी के चलते फिर से ठेले और गुमटियां लगाई जा रही हैं। जिससे हर आने व जाने वालों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी मुसीबत तब होती है जब 112 वाहन और 108 एम्बुलेंस में मरीज सिम्स में इलाज कराने पहुंचते हैं, इस दौरान भीड़ से निकलना मुश्किल हो जाता है और मरीज की सांस कई बार उखड़ते दिखती है।
यातायात पुलिस रहती है वसूली में व्यस्त
सिकस और रिका व्यू चौक पर बीज के पेड़ के नको रोजाना यातायत पुलिस का बल दिखाई देता है। इस दौरान हर दो पहिया वाहन पालता को रीवा दाखवेज की यंत्र करते हुए कलाम को करवाई की जाती है. लेकिन हम एम्बुलेंस को वहां से हटने को लेकर तथा पुलिस के पास कोई आयेन वहीं होता है। जाल में फसते आम लोग पुलिस की इज व्यवस्था को देख अपनी किस्मत को कोसते दिखते है।
बीमारी परोस रहे ठेले
जिस सिम्स में रोजाना जो लोग इलाज कराने आते हैं, उसके बैंक बाहर रहकर श्रीमती पतेजी जा रही है। दरअसल यहां लगने वाले ठेले और गुमटियों में माडी बेची जा रही है। जि जगह सिम्स के सीकर का ट्रीटमेंट ट है हीं थी कुटिये जे बरीज और परिजन खाद्य सामानों खरीद कर खा रहे हैं। ऐसे में दुषित कने से लोगों के बीमार पड़ने की आशंका बनी रहती है।
अधिकारियों को अवगत कराएंगे
## हमने कई बर पुलिस और संबंधितों को कहा है। व्यक्तिगत तौर पर भी मैने अधिकारियों को कहा है, हम सिम्स के अंदर व्यवस्था संभाल सकते हैं। बाहर गार्ड जाकर बेजा कब्जा धारियों को हटाने की कोशिश करता है। कई बार झगड़े भी हो चुके हैं। फिर से अधिकारियों को अवगत कराया जा जाएगा।
– डॉ लखन सिंह, अधीक्षक सिम्स बिलासपुर

