छत्तीसगढ़बिलासपुर

होटल के दूषित भोजन से रेलवे स्पोर्ट्स मीट के आयोजन में 150 लोग हुए बीमार

बिलासपुर 20जनवरी 2026/दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में स्पोर्ट एंड कल्चरल मीट में शामिल अधिकारी फूड पॉइनिग का शिकार हो गए। कार्यक्रम में पड़ोसी के दूषित भोजन के खाने से कई रेलवे अधिकारी व उनके साजन फूड पी नहीं के शिकार हो गए अचानक सब की तबीयत बिगड़ने से रेलवे महक में में हड़कंप मच गया इनमें से 30 लोगों की हालत गंभीर होने पर तुरंत उन्हें रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां चिकित्सकों की विशेष टीम इलाज में जुटी हुई है । वहीँ एक अधिकारी को अपोलो रिफर किए जाने की बात कही जा रही है। कार्यक्रम के दौरान लोगों के ठहरने भोजन व नाश्ते की विप तैयारी की गई थी नाश्ता इंडियन काफी हाउस से आता था तो भोजन के लिए कोर्ट यार्ड मेरिट मेरिट को ऑर्डर दिया गया था बेहतर खान-पांच से लेकर अन्य व्यवस्था की जिम्मेदारी भी हेड क्वार्टर खुद संभाल रहा था सबसे प्रमुख बात थी भोजन की व्यवस्था में लापरवाही की गई जिसका कारण ही कई लोगों की तबीयत खराब होने पर उन्हें भुगतती पड़ी। रेलवे अधिकारियों के लिए आयोजित ऑफिसर्स स्पोर्टस एंड कल्चरल मीट अब फूड पॉइजनिंग कांड में तब्दील हो गया है। कार्यक्रम में शामिल जोन और मंडल स्तर के वरिष्ठ अधिकारी और उनके परिजन अचानक बीमार पड़ गए। स्थिति इतनी गंभीर रही कि 25 से ज्यादा अधिकारियों और उनके परिवारजनों को देर रात रेलवे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। 17 और 18 जनवरी 2026 को सेक़सा द्वारा रेलवे मुख्यालय बिलासपुर में आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम का रविवार को समापन हुआ। लेकिन समापन के कुछ ही घंटों बाद कार्यक्रम में परोसे गए भोजन ने रेलवे अफसरों को अस्पताल पहुंचा दिया। उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायतों से अधिकारी तड़पते रहे। मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के एसडीजीएम मनोज गुरुमुखी को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उनके परिजन भी अस्वस्थ बताए जा रहे हैं। वहीं एपीओ रंजन समेत 25 से 30 अधिकारी और परिजन बीमार हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक एडीआरएम सहित कई वरिष्ठ मंडलीय अधिकारी भी फूड पॉइजनिंग की चपेट में आए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कार्यक्रम के लिए 300 प्लेट भोजन का ऑर्डर दिया गया था, लेकिन रात में सिर्फ 100 लोगों ने ही भोजन किया।

रेलवे टीम ने बनाई 3 सदस्यीय जांच टीम

मामला बेहद गंभीर और लापरवाही पूर्वक है अधिकारियों व उनके स्वजनों की जान खतरे में डालने की घटना को रेल प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। आनन-फानन में तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। इसमें सामान्य प्रशासन व मेडिकल विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह टीम पूरी पारदर्शिता के साथ मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश करेगी।

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