रायपुरछत्तीसगढ़

58 लाख की वर्क-फ्रॉम-होम ठगी ध्वस्त,राजस्थान से दबोचे गए दो मास्टरमाइंड समेत 5 गिरफ्तार

रायपुर, 16 फरवरी 2026  रायपुर रेंज पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत बड़ी सफलता मिली है। ऑनलाइन वर्क-फ्रॉम-होम जॉब के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के दो फरार मुख्य आरोपी—आशीष परिहार और लक्ष्मन देवासी—को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस महानिरीक्षक, रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के निर्देशन में रेंज साइबर थाना रायपुर को तकनीकी साक्ष्य संकलित कर मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।

ऐसे सामने आया मामला थाना राखी में प्रार्थी पारस कुमार धीवर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्हें वर्क-फ्रॉम-होम जॉब के नाम पर 24 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। इस संबंध में अपराध क्रमांक 224/24, धारा 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया।

इसी प्रकार थाना धरसीवां में प्रार्थी ललित साहू से 34 लाख रुपये की ठगी की रिपोर्ट दर्ज हुई। इस मामले में अपराध क्रमांक 179/24, धारा 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता एवं 66(D) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

तकनीकी जांच से खुली परतें विवेचना के दौरान बैंक खातों, संदिग्ध मोबाइल नंबरों तथा टेलीग्राम एप से प्राप्त डिजिटल साक्ष्यों का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया। जांच के आधार पर गिरोह के सदस्यों की पहचान कर पुलिस टीमों को राजस्थान और महाराष्ट्र रवाना किया गया।

पूर्व में तीन आरोपी—भवानी सिंह (अजमेर, राजस्थान) उत्पल पंचारिया (जोधपुर, राजस्थान) साहिल संतोष (नासिक, महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया जा चुका है।

अब मुख्य आरोपी—आशीष परिहार, पिता बनवारी लाल परिहार, उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम डेराथू, नसीराबाद, जिला अजमेर (राजस्थान) लक्ष्मन देवासी, पिता साकला देवासी, उम्र 37 वर्ष, निवासी भारला, जिला पाली (राजस्थान) को भी गिरफ्तार कर लिया गया है, जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों के विरुद्ध देश के विभिन्न राज्यों की 13 साइबर सेल एवं थानों में प्रकरण दर्ज हैं, सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

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रायपुर रेंज पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

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