
रायपुर, 05 जनवरी 2026।छत्तीसगढ़ संत संगठन के संयोजन में सद्गुरु कबीर विश्व शांति मिशन संस्थान द्वारा राजधानी रायपुर स्थित मेकाहारा सभागार में सद्गुरु कबीर स्मृति महोत्सव एवं आध्यात्मिक सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। 4 जनवरी 2026 को प्रातः 11 बजे से अपराह्न 5 बजे तक चले इस आयोजन में प्रदेशभर से पहुंचे संत समाज के प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं हजारों श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए सूरत (गुजरात) से पधारे संत गुरु भूषण साहब ने कहा कि “अध्यात्म जीवन की आधारशिला है। आत्मा के बिना जीवन की कल्पना असंभव है। सद्गुरु कबीर का मूल संदेश जीव दया और आत्मपूजा है—कबीर धर्म के अतिरिक्त कोई दूसरा धर्म नहीं।”
नदिया धाम से पधारे आचार्य मंगल साहब ने कहा कि कबीर की वाणी प्रेम, करुणा, दया और समर्पण का मार्ग दिखाती है, जो बिना अध्यात्म के संभव नहीं। “परमात्मा बाहर नहीं, प्रत्येक मनुष्य के भीतर विद्यमान है,” उन्होंने कहा।

दुधाधारी मठ से पधारे महंत रामसुंदर दास जी ने कबीर साहेब के ज्ञान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “कबीर को कभी अनपढ़ कहा गया, लेकिन उनका ज्ञान इतना उच्च है कि आज उनकी वाणी पर शोध हो रहे हैं और पीएचडी की उपाधियां प्राप्त की जा रही हैं।”
वहीं पाटेश्वर धाम से पधारे संत राम बालक दास जी ने कहा कि कबीर की वाणी मानवता, भाईचारे, सहिष्णुता और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करती है तथा गुरु से गोविंद तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त करती है।

छत्तीसगढ़ संत संगठन के अध्यक्ष संत श्री रविकर साहब ने कहा कि “आत्मस्थ होना जीवन का परम लक्ष्य है। हमारा अस्तित्व आत्मा से है और उससे अलग भटकना ही जीवन का सबसे बड़ा भ्रम है। कबीर साहेब का संदेश है कि परमात्मा कहीं बाहर नहीं, वह हम सबके भीतर निवास करता है।”
उन्होंने बताया कि संगठन का उद्देश्य कबीर पंथ की सभी परंपराओं को एक सूत्र में पिरोकर समाज में प्रेम, एकता और भाईचारे का संदेश देना है।
कार्यक्रम में साध्वी समष्टि, साध्वी समता, साध्वी भागवती, साध्वी सुमन, पुराण साहेब, घनश्याम साहब, पंचम साहब, देवेंद्र साहब सहित अनेक संतों ने अपने विचार रखे। साथ ही क्षेमेन्द्र साहेब, कुमार साहेब, बलवान साहेब, जितेंद्र साहेब, लखन साहेब, विजय साहेब एवं पूर्णेन्द्र साहेब सहित लगभग 200 संतों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात सरल सरिता भजनामृत भजन ग्रुप द्वारा प्रस्तुत कबीर भजनों ने पूरे सभागार को कबीरमय कर दिया। मुख्य गायक डॉ. सुरेश ठाकुर रहे। पद्मश्री भारती बंधु सहित अन्य कलाकारों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
सम्मेलन के दौरान समाज सेवा, पत्रकारिता एवं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रबुद्धजनों का सम्मान किया गया। पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए आरएनएस समाचार एजेंसी के प्रबंध संपादक हर्ष शुक्ला एवं वरिष्ठ पत्रकार एच.डी. महंत को उनके दीर्घकालीन पत्रकारिता योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

इसके अतिरिक्त शहीद पंकज विक्रम ब्लॉक कांग्रेस कमेटी रायपुर के अध्यक्ष सुमित दास महंत,अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन भारत के संभाग अध्यक्ष प्रकाश शर्मा, नरेंद्र मोदी विचार मंच के प्रदेश महासचिव दास जी साहू,

नेवरा-तिल्दा से घनश्याम अग्रवाल जी तिरुपत बालाजी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर सहित अन्य समाजसेवियों को संत समाज द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

युवा संस्था रायपुर के संस्थापक राजीव राव ने कहा कि “संत समाज के बिना शांति और सद्भाव की कल्पना नहीं की जा सकती। संतों के मार्गदर्शन से ही समाज सही दिशा में आगे बढ़ता है।”
कार्यक्रम के पश्चात विश्व भ्रमणशील संत भुवनेश्वर साहेब ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। “मानव समस्याओं का समाधान संवाद से संभव है, विवाद से नहीं,” उन्होंने कहा।
संपूर्ण आयोजन का उद्देश्य समाज में शांति, समता और प्रेम की स्थापना करते हुए सद्गुरु कबीर की वाणी के माध्यम से आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक सौहार्द को सुदृढ़ करना रहा। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने कबीर साहेब के सत्य, प्रेम और मानवता के संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।






