रायपुर | 05 फरवरी 2026 रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा “संवाद से समाधान” अभियान के अंतर्गत गुरुवार को डी.जे. एवं धुमाल संचालकों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई। यह बैठक पुलिस उपायुक्त (नार्थ ज़ोन) मयंक गुर्जर के नेतृत्व में सिविल लाइन स्थित सी/04 भवन के सभाकक्ष में संपन्न हुई।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम एवं सहायक पुलिस आयुक्त उरला पूर्णिमा लामा विशेष रूप से उपस्थित रहीं। नार्थ ज़ोन के अंतर्गत आने वाले थाना खमतराई, उरला, गुढ़ियारी, पंडरी एवं खम्हारडीह क्षेत्र के समस्त डी.जे./धुमाल संचालक बैठक में शामिल हुए।
बैठक को संबोधित करते हुए डीसीपी मयंक गुर्जर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आम मार्गों पर तथा अत्यधिक तेज आवाज में डी.जे./धुमाल का उपयोग न किया जाए। उन्होंने शासन द्वारा निर्धारित ध्वनि मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने एवं रात्रि 10 बजे के बाद किसी भी स्थिति में डी.जे./धुमाल न बजाने के निर्देश दिए।
उन्होंने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT), माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग केवल निर्धारित मानकों और सीमित तीव्रता में ही किया जाए। आदेशों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित संचालकों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान डी.जे./धुमाल संचालकों ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव सामने रखे, जिन पर पुलिस प्रशासन ने सकारात्मक रुख अपनाया। संचालकों ने नियमों के पालन एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि संवाद से समाधान अभियान का उद्देश्य दमन नहीं, बल्कि आपसी समझ और सहयोग के माध्यम से शांति, अनुशासन और सामाजिक संतुलन बनाए रखना है।


