बिलासपुर 11 मई 2026/ तीन दिन पूर्व आई तेज आंधी और बारिश के बाद शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। स्मार्ट सिटी कहलाने वाला बिलासपुर आज भी कई इलाकों में अंधेरे और अव्यवस्था से जूझ रहा है। जगह-जगह पेड़ गिरने, डालियां टूटने और 11 केवी बिजली तारों के पेड़ों में उलझ जाने से लगातार हादसे का खतरा बना हुआ है, लेकिन बिजली विभाग अब तक गंभीरता नहीं दिखा रहा है। शहर के राजकिशोर नगर, चिंगराजपारा, मंगला, मोपका सहित कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित है। कई स्थानों पर बिजली के खंभे झुक गए हैं और तार नीचे लटक रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्मार्ट सिटी आज भी अंधेरे में, पानी के लिए भी मचा हाहाकार
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद विभागीय अधिकारी और कर्मचारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं। टोल फ्री नंबर पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। मंगला क्षेत्र के रहवासियों ने बताया कि बिजली गुल होने से पानी की समस्या भी गंभीर हो गई है। मोटर पंप बंद होने से लोग पानी के लिए परेशान हैं और टैंकरों के भरोसे जीवनयापन करने को मजबूर हैं। वार्ड 47 के पार्षद मोहन श्रीवास ने कहा कि पहले से पानी की समस्या थी, अब बिजली संकट ने हालात और बदतर कर दिए हैं। वहीं वार्ड क्रमांक 13 के देवरीखुर्द कॉलोनी क्षेत्र में आंधी के दौरान बिजली तार टूटकर नीचे गिर गए। कई स्थानों पर तार टीन शेड और मकानों को छू रहे हैं, जिससे करंट फैलने और आग लगने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार सूचना देने के बाद भी सुधार कार्य शुरू नहीं किया गया है। 27 खोली निवासी मनीष देवांगन ने बताया कि मुंगेली नाका, मीना बाजार और बुदबुद क्षेत्र में भी खतरनाक स्थिति बनी हुई है। पेड़ों में उलझे तार और नीचे झुकी केबलें किसी बड़ी जनहानि को न्योता दे रही हैं, लेकिन विभाग शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। नागरिकों ने प्रशासन और बिजली विभाग से तत्काल सुधार कार्य शुरू करने, टूटे तारों को हटाने तथा प्रभावित क्षेत्रों में शीघ्र बिजली और पानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की है, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।






