बिलासपुर 11 मई 2026/ सीपत से ग्राम कुली तक की जर्जर सड़क अब क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। बरसों से मरम्मत की राह देख रही इस सड़क की बदहाली को लेकर रविवार को ग्राम पंचायत खम्हरिया में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रशासन की वादाखिलाफी के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि यदि 6 दिनों के भीतर सड़क निर्माण का कार्य घरातल पर शुरू नहीं होता है, तो आगामी 16 मई से क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतरकर कोयला और राखड़ से लदे भारी वाहनों का अनिश्चितकालीन चक्काजाम करेगी। बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि सीपत से कुली स्थित लीलागर नदी करीब 14 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह गड्डों में तब्दील हो चुका है।यह मार्ग जांजगीर, चांपा और कोरबा जैसे औद्योगिक शहरों को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है, जहां से चौबीसों घंटे भारी वाहनों का दबाव रहता है। सड़क की खस्ताहाली के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और कई निर्दोष लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। विडंबना यह है कि करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और ठेकेदार की लापरवाही के चलते आज तक काम शुरू नहीं हो सका है। रणनीति के तहत सोमवार 11 मई को क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण और जनप्रतिनिधि बिलासपुर कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। इस अल्टीमेटम के माध्यम से प्रशासन को सूचित किया जाएगा कि मानसून आने से पहले यदि सड़क का निर्माण शुरु नहीं हुआ, तो 25 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से केवल आश्वासन के भरोसे बैठे थे लेकिन अब सब्र का बांध टूट चुका है। शनिवार 16 मई को कुली लीलागर के पास होने वाले इस विशाल चक्काजाम में कुली, ऊनी, कूकदा, निरतु, जेवरा, खोंधरा, मड़ई, लुतरा और खम्हरिया सहित दर्जनों गांवों के ग्रामीण शामिल होकर नाकेबंदी करेंगे।






