धमतरी 4 जून 2026/ सूने मकान को निशाना बनाकर जेवरात और नगदी पार करने वाले चोर आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गए। चोरी के बाद सोने के हार को गलाकर बिस्किट बना देने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। धमतरी जिले के ग्राम कोसमर्रा में हुई इस वारदात का पर्दाफाश करते हुए भखारा पुलिस और साइबर टीम ने रायपुर के एक सराफा कारोबारी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का माल बरामद कर लिया है।
मामला तब सामने आया जब ग्राम कोसमर्रा निवासी कृष्ण कुमार कोसरे 13 मई 2026 को परिवार सहित एक पारिवारिक कार्यक्रम में अभनपुर गए थे। 17 मई को लौटने पर घर का मुख्य दरवाजा और आलमारी का ताला टूटा मिला। घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात और नगदी गायब थे। चोरी गए सामान की कीमत करीब 50 हजार 700 रुपये बताई गई। शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देश पर थाना भखारा और साइबर टीम ने जांच शुरू की। मुखबिर सूचना और तकनीकी पड़ताल के आधार पर ग्राम कोसमर्रा निवासी घनश्याम यादव (23 वर्ष), पिता मनोज यादव को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने अपने साथी हेमंत उर्फ सोनू मानिकपुरी (25 वर्ष), पिता शिवदास मानिकपुरी, मूल निवासी ग्राम कोसमर्रा, हाल निवासी मठपुरैना रायपुर के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार कर लिया।
जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने सूने मकान का ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया और आलमारी का लॉक तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात तथा नगदी चोरी की। चोरी के बाद दोनों ने जेवरात का बंटवारा कर लिया और नगदी खर्च कर दी। पुलिस ने घनश्याम के कब्जे से चोरी के जेवरात और वारदात में प्रयुक्त कुदाली बरामद की। इसके बाद रायपुर पहुंचकर हेमंत को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि चोरी का सोने का गुलबंद हार उसने अपने परिचित ओमप्रकाश सोनी (30 वर्ष), पिता रतनलाल सोनी, निवासी प्रोफेसर कॉलोनी, सेक्टर-02 रायपुर को दिया था। ओमप्रकाश ने हार को गलाकर 10 ग्राम का सोने का बिस्किट बना दिया था, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के कब्जे से सोने की बाली, नथ, लॉकेट, टॉप्स, मंगलसूत्र, गुलबंद हार, चांदी की पायल, बिछिया, अंगूठी, माला सहित अन्य आभूषण, 10 ग्राम सोने का बिस्किट और घटना में प्रयुक्त कुदाली बरामद की है। आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 52/2026 में धारा 331(4), 305 एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। गौरतलब है कि चोरी के माल को गलाकर पहचान मिटाने की कोशिश भी आरोपियों को नहीं बचा सकी और पुलिस की जांच ने पूरे गिरोह की परतें खोल दीं।





