कवर्धा, 24 अगस्त (2026) नौकरी दिलाने का झांसा देकर 1.30 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को कबीरधाम जिले की चौकी पोडी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर विभागीय सील का दुरुपयोग किया और व्हाट्सएप के माध्यम से पीड़ित को भेज दिया। मामले का खुलासा सोमवार को हुआ। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर कार्रवाई की।
प्रार्थी जुगेश्वर साहू ने शिकायत दर्ज कराई थी कि नवंबर 2025 से जून 2026 के बीच आरोपी ने खेल प्रशिक्षक के पद पर नियुक्ति दिलाने का भरोसा देकर उससे 1.30 लाख रुपये ले लिए। जांच में सामने आया कि आरोपी स्वयं को फुटबॉल कोच बताकर खिलाड़ियों के संपर्क में रहता था। इसी दौरान उसकी पहचान प्रार्थी से हुई और उसने सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर रकम हासिल कर ली। बाद में अपने लैपटॉप से उप संचालक, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किया, रायगढ़ से विभागीय सील बनवाई और दस्तावेज व्हाट्सएप के जरिए भेज दिया।
पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि मामला दर्ज होने की जानकारी मिलने पर उसने खराब लैपटॉप कबाड़ में बेच दिया, फर्जी नियुक्ति पत्र नष्ट कर दिया तथा सील और मोबाइल फोन केलो नदी में फेंक दिया। पुलिस ने मेमोरेंडम के आधार पर प्रार्थी की अंकसूची, रोजगार पंजीयन, जाति, निवास एवं आधार कार्ड की प्रतियां बरामद कर जब्त कीं।
मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 336(3), 319(2), 340(1) एवं 318(4) के तहत वैधानिक कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपी कलिन्दर मिंज (32 वर्ष), पिता पहलू मिंज, निवासी रूपडेगा तालाब के पास, थाना लैलूंगा, जिला रायगढ़ (छत्तीसगढ़) का रहने वाला है। प्रेस विज्ञप्ति में उसके किसी पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड का उल्लेख नहीं है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव (आईपीएस) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार एवं अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी बोड़ला अखिलेश कौशिक के दिशा-निर्देशन में चौकी प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार और उनकी टीम ने की।
बहरहाल, यह कार्रवाई उन लोगों के लिए कड़ा संदेश है जो सरकारी नौकरी के नाम पर युवाओं से ठगी करने का प्रयास करते हैं। पुलिस ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि किसी भी नियुक्ति पत्र या नौकरी के प्रस्ताव की संबंधित विभाग से पुष्टि करने के बाद ही उस पर भरोसा करें।




