रायपुर, 21 अगस्त। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान) विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले ने प्रदेश की परीक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।
आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने कहा कि यदि सुबह 10 बजे होने वाली परीक्षा का प्रश्नपत्र करीब 8 बजे ही छात्रों तक पहुंच गया, तो यह सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि प्रदेश में लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों का हिस्सा है। विवाद के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने का निर्णय लिया गया है, लेकिन इससे व्यवस्था पर उठे सवाल खत्म नहीं होते।
अभिषेक मिश्रा ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में पेपर लीक की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने CGPSC राज्य सेवा परीक्षा-2021, पटवारी से राजस्व निरीक्षक पदोन्नति परीक्षा-2024, CSVTU की फार्मेसी परीक्षा-2025, गरियाबंद ओपन स्कूल परीक्षा तथा जुलाई 2026 में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर के BA-LLB पेपर लीक जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार पेपर लीक रोकने के दावे तो करती है, लेकिन प्रश्नपत्र बार-बार परीक्षा से पहले ही बाहर आ रहे हैं।
आम आदमी पार्टी ने इस पूरे मामले की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराने, प्रश्नपत्र लीक की डिजिटल व तकनीकी जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, प्रभावित छात्रों की निष्पक्ष तरीके से दोबारा परीक्षा कराने तथा प्रदेश की सभी विश्वविद्यालयों और भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की मांग की है। पार्टी ने यह भी कहा कि पूर्व में हुए सभी पेपर लीक मामलों की जांच और दोषियों पर हुई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जाए।
पार्टी ने चेतावनी दी कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मेहनत से परीक्षा की तैयारी करने वाले लाखों छात्रों के हितों की रक्षा करना सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है।




