कोरबा 4 सितंबर 2026/ कोरबा शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में महिला की आत्महत्या मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए बहू और उसके माता-पिता को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। जांच के दौरान मिले सुसाइड नोट, आत्महत्या से पहले भेजे गए वीडियो और परिजनों के बयानों के आधार पर तीनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 108 एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया। न्यायालय में पेश करने के बाद आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
27 अगस्त 2026 को लक्ष्मी बाई मानिकपुरी ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी थी। शुरुआती जांच के दौरान घटनास्थल की दीवार पर लिखा सुसाइड नोट मिला, जिसमें मृतका ने अपनी बहू पूर्णिमा और उसके मायके पक्ष के लोगों पर लगातार प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने हस्तलेखन का सत्यापन कराया, जिसमें यह लेख मृतका का ही पाया गया। विवेचना में यह भी सामने आया कि घटना से पहले मृतका ने अपनी बहनों को वीडियो भेजकर मानसिक पीड़ा और प्रताड़ना की जानकारी दी थी। परिजनों ने बयान में बताया कि घरेलू विवाद लंबे समय से चल रहा था और मृतका पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुकी थी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सुसाइड नोट, मोबाइल से प्राप्त वीडियो, गवाहों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को जब्त कर परीक्षण कराया। सभी तथ्यों के आधार पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 724/2026 दर्ज किया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया और वैधानिक प्रक्रिया पूरी की।
गिरफ्तार आरोपियों में पूर्णिमा महंत (24 वर्ष), पति संजय दास, निवासी लक्ष्मण तालाब, कोरबा,सुमेरन बाई (45 वर्ष), पति मिलनदास महंत, निवासी सोहागपुर, थाना उरगा, तथा मिलन दास (55 वर्ष), पिता सोनदास, निवासी सोहागपुर, थाना उरगा, जिला कोरबा शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
फिलहाल, पुलिस मामले की विस्तृत विवेचना कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। यह मामला घरेलू प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर परिणामों को सामने लाता है, जहां सुसाइड नोट और डिजिटल साक्ष्य जांच की अहम कड़ी बने।




