फेसबुक पर हुई पहचान, हर बैंक खाते के बदले मिलते थे ₹1,000; कई राज्यों में ठगी की रकम के लेन-देन में इस्तेमाल हुए खाते
सरगुजा 28 अक्टूबर 2026/ साइबर ठगी के नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए सरगुजा जिले की कोतवाली पुलिस ने म्यूल बैंक अकाउंट मामले में 54 वर्षीय आरोपी सतीश कुमार भारती को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने फेसबुक के जरिए संपर्क में आए एक व्यक्ति के कहने पर दूसरे लोगों के नाम से पंजाब नेशनल बैंक में खाते खुलवाए और प्रत्येक खाते के बदले 1,000 रुपये लेने की बात स्वीकार की है। जांच में इन खातों के जरिए विभिन्न राज्यों में कुल 14,17,049 रुपये की ऑनलाइन ठगी से जुड़े लेन-देन सामने आए हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।
फेसबुक से संपर्क, खातों के बदले मिलते थे रुपये
पुलिस के अनुसार, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर फर्जी मोबाइल नंबर जारी करने वाले पॉइंट ऑफ सेल (POS) और म्यूल बैंक खातों के धारकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश मिले थे। दस्तावेजों की जांच में संबंधित बैंक खाते के विरुद्ध विभिन्न राज्यों में साइबर पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायतें दर्ज मिलीं। जांच में आशंका सामने आई कि इन खातों और उनसे जुड़े मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कथित तौर पर ठगी की रकम प्राप्त करने और उसके लेन-देन के लिए किया गया।
अस्पष्ट दस्तावेज पेश करने पर बढ़ी जांच
मामले में थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 761/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 317(4) और 3(5) में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी की पहचान सतीश कुमार भारती, पिता स्वर्गीय त्रिलोकी राम, उम्र 54 वर्ष, निवासी द्वारिका नगर, लटोरी चौकी, जिला सूरजपुर के रूप में हुई।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने दूसरे लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाने और उन्हें मोबाइल नंबरों से लिंक कराने की बात स्वीकार की। जांच के दौरान खाताधारकों के मूल दस्तावेजों के स्थान पर अस्पष्ट छायाप्रतियां प्रस्तुत किए जाने पर साक्ष्य छिपाने से संबंधित धारा 238 BNS भी जोड़ी गई। पुलिस ने बैंक पासबुकों की छायाप्रतियां जब्त की हैं।
अन्य मोबाइल धारकों और सहयोगियों की तलाश जारी
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया है। मामले में कथित रूप से शामिल अन्य मोबाइल धारकों और सहयोगियों की पहचान तथा उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि खातों के जरिए ठगी की रकम किन-किन लोगों तक पहुंची और इस नेटवर्क में अन्य कौन शामिल हैं।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली उप निरीक्षक अखिलेश सिंह, साइबर सेल टीम और आरक्षक जोधन पैकरा सक्रिय रहे।
साइबर सुरक्षा संदेश:किसी भी अनजान व्यक्ति को कमीशन या पैसे के बदले अपना बैंक खाता खुलवाने, खाते का इस्तेमाल करने या बैंकिंग दस्तावेज उपलब्ध कराने की अनुमति न दें। ऐसे खाते साइबर ठगी के लेन-देन में इस्तेमाल होने पर खाताधारक भी जांच के दायरे में आ सकता है।





