रायपुर 2 जून (द भारत टाइम्स) अपराधियों और संदिग्धों के खिलाफ चला ऐसा पुलिस अभियान कि एक सप्ताह के भीतर 154 लोगों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया। फरार वारंटी हों या कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बने संदिग्ध, कमिश्नरेट रायपुर पुलिस ने किसी को नहीं बख्शा। लगातार की गई कार्रवाई से असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है और पूरे मध्य जोन में पुलिस की सख्ती साफ दिखाई देने लगी है।
अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के मध्य जोन में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) उमेश गुप्ता के निर्देशन में विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के तहत कोतवाली, गोलबाजार, मौदहापारा, गंज, सिविल लाइन, तेलीबांधा और देवेंद्र नगर थाना क्षेत्रों में फरार वारंटियों, आदतन अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध सघन कार्रवाई की गई। पुलिस टीमों ने लगातार दबिश, सत्यापन और निगरानी अभियान चलाते हुए 61 स्थायी एवं गिरफ्तारी वारंटियों को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया।
इसी दौरान सार्वजनिक शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए 93 संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत कार्रवाई की गई और उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया। थाना-वार कार्रवाई में कोतवाली से 19, गोलबाजार से 18, मौदहापारा से 10, गंज से 36, सिविल लाइन से 25, तेलीबांधा से 34 और देवेंद्र नगर से 12 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई दर्ज की गई। इस तरह एक सप्ताह के भीतर कुल 154 लोगों पर कानूनी शिकंजा कसा गया।
डीसीपी उमेश गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा तथा कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बहरहाल, रायपुर पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि फरारी, गुंडागर्दी और संदिग्ध गतिविधियों के लिए अब शहर में जगह नहीं बची है, कानून की पकड़ लगातार और मजबूत होती जा रही है।






