कोरिया में छात्रावास अधीक्षक की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप, पैसे मांगने पर हत्या और झूठे केस में फंसाने की धमकी; दोनों आरोपी न्यायिक रिमांड पर
कोरिया / बैकुण्ठपुर, 15 अक्टूबर 2026/ नौकरी पाने की उम्मीद में लाखों रुपये गंवाने का मामला कोरिया जिले में सामने आया है। छात्रावास अधीक्षक के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर 13 लाख 69 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में बैकुण्ठपुर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उसने अपनी रकम वापस मांगी, तो उसे जान से मारने और झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई।
नौकरी के नाम पर लाखों की वसूली
पुलिस के मुताबिक, आमापारा निवासी संतोष कुमार सारथी, पिता छोटेलाल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अनुराधा लकड़ा और अन्य लोगों ने उसे नौकरी दिलाने के नाम पर 14 लाख रुपये की ठगी की है। शिकायत की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 16 अप्रैल 2024 से 28 मार्च 2025 के बीच कई किश्तों में नकद और बैंक खाते के माध्यम से कुल 13 लाख 69 हजार रुपये प्राप्त किए थे। यह रकम छात्रावास अधीक्षक के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर ली गई थी।
पैसे वापस मांगे तो धमकी देने का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि रकम वापस मांगने पर उसे जान से मारने और झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। जांच में प्रथम दृष्टया अपराध प्रमाणित पाए जाने के बाद थाना बैकुण्ठपुर में अपराध क्रमांक 301/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 351(3), 61(2) एवं 3(5) में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
दो गिरफ्तार, बाकी आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने मामले में अनुराधा लकड़ा (32 वर्ष), निवासी कछार, थाना धौरपुर, जिला सरगुजा, हाल मुकाम बंगाली चौक, बौरीपारा, अंबिकापुर तथा जोखन लाल (61 वर्ष), निवासी सरभोका गोहला सरई, थाना पटना, हाल मुकाम बाबू कॉलोनी, प्रेमाबाग, बैकुण्ठपुर, जिला कोरिया को 15 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। प्रकरण में शामिल अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
बहरहाल नौकरी के नाम पर ली गई रकम की पूरी कड़ी में और कौन-कौन शामिल हैं? फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले की आगे की जांच के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।




