बिलासपुर 23 जून 2026/ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर स्थानीय क्रांति नगर पार्क में शनिवार सुबह स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा से ओत-प्रोत भव्य योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए योग को स्वस्थ जीवन की आधारशिला बताया। पूरे परिसर में उत्साह, उमंग और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला।कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक प्रार्थना और ध्यान सत्र से हुई, जिसके पश्चात प्रतिभागियों ने प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। इस दौरान नौका आसन (बोट पोज़), हार्ट पोज़, सनफ्लावर पोज़ सहित अनेक योग मुद्राओं का अभ्यास कराया गया। योगाभ्यास के दौरान उपस्थित लोगों को प्रत्येक आसन के शारीरिक एवं मानसिक लाभों की जानकारी भी दी गई। आयोजकों ने बताया कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और सकारात्मक सोच विकसित करने का भी प्रभावी साधन है। योगाभ्यास के साथ-साथ प्रतिभागियों के लिए कई मनोरंजक एवं स्वास्थ्यवर्धक खेलों का आयोजन भी किया गया, जिनमें सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। खेलों और योग गतिविधियों ने कार्यक्रम को और अधिक जीवंत एवं आकर्षक बना दिया। इस अवसर पर योग एवं ध्यान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डी.पी. गुप्ता, आरती गुप्ता, सरला मैडम एवं केडिया मैडम का सम्मान कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया गया। उपस्थित लोगों ने उनके मार्गदर्शन और समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें प्रेरणास्रोत बताया। कार्यक्रम में रंजना रजक, एडवोकेट अर्समीना खान खोखर, विद्या सिंह सहित लगभग 50 महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी प्रतिभागियों ने योग को अपने दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए अपने अनुभव साझा किए। प्रतिभागियों ने कहा कि नियमित योग और ध्यान करने से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मन भी शांत और एकाग्र रहता है। योग के माध्यम से तनाव, चिंता और अनेक शारीरिक समस्याओं से बचाव संभव है। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास के कारण उन्हें रक्तचाप, मधुमेह जैसी जीवनशैली संबंधी बीमारियों से बचाव में भी लाभ मिला है। साथ ही
रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होने से सामान्य सर्दी, खांसी और बुखार जैसी समस्याएं भी कम होती हैं। वक्ताओं ने कहा कि योग किसी एक वर्ग, धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग है। योग शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने वाली ऐसी प्राचीन भारतीय विधा है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। उन्होंने सभी लोगों से नियमित रूप से योग और ध्यान को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सभी ने स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन के लिए प्रतिदिन योग करने का प्रण लिया। आनंद, उत्साह, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की भावना को साकार करता नजर आया।








