धार्मिक अनुष्ठान के साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का लिया संकल्प
जगदलपुर / पनका/पनिका समाज प्रदेश संगठन के तत्वावधान में काछन गादी की बालू पूजा-पाठ का धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजनों, पदाधिकारियों, युवाओं, महिला प्रकोष्ठ सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। आयोजन में समाजजनों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रायपुर से सुमित दास एवं किशन दास रहे। दोनों अतिथियों ने काछन गादी की पूजा-पाठ में शामिल होकर विधिवत पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर सुमित दास ने अपने उद्बोधन में समाज की एकता, संगठन और आपसी भाईचारे को मजबूत करने पर जोर दिया,उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए सभी वर्गों को एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा। वहीं किशन दास ने अपने संबोधन में सामाजिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने तथा नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसकी परंपराओं, संस्कृति और सामाजिक एकजुटता से होती है। बदलते समय में अपनी प्राचीन परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवंत रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन समाज को एक मंच पर लाने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और विरासत से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान समाज के विकास, आपसी सहयोग, भाईचारे और संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया गया। साथ ही आने वाली पीढ़ी को धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने पर जोर दिया गया। बड़ी संख्या में समाजजनों की उपस्थिति ने आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया और पनका/पनिका समाज की एकता एवं सांस्कृतिक प्रतिबद्धता को मजबूत संदेश दिया।




