Close Menu
The Bharat TimesThe Bharat Times
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
    • कोरबा
    • अंबिकापुर
    • कोंडागाँव
    • जांजगीर चांपा
    • दुर्ग
    • जगदलपुर
    • धमतरी
    • दंतेवाड़ा
    • बलौदाबाजार
    • भटगांव
    • महासमुंद
    • रायगढ़
    • राजनांदगांव
    • रायपुर
    • देश दुनिया
    • सारंगढ़ बिलाईगढ़
  • मध्य प्रदेश
    • डिंडोरी
      • समनापुर
      • सरसीवा
      • सलिहा
  • राजनीति
  • मेरा शहर

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

बिलासपुर में मूकनायक का तृतीय राष्ट्रीय पत्रकार अधिवेशन भव्यता के साथ संपन्न,

21/10/2026 - 10:36 AM

बिजली ऑपरेटरों के वेतन से ₹500 कटौती का आरोप, सरायपाली संभाग पर उठे सवाल

20/10/2026 - 10:09 PM

जमड़ी में ग्रामीणों ने पकड़ा महुआ शराब बनाने का मामला, पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

20/10/2026 - 10:05 PM
Facebook X (Twitter) Instagram
Wednesday, October 21
Facebook X (Twitter) Instagram
The Bharat TimesThe Bharat Times
Demo
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
    • कोरबा
    • अंबिकापुर
    • कोंडागाँव
    • जांजगीर चांपा
    • दुर्ग
    • जगदलपुर
    • धमतरी
    • दंतेवाड़ा
    • बलौदाबाजार
    • भटगांव
    • महासमुंद
    • रायगढ़
    • राजनांदगांव
    • रायपुर
    • देश दुनिया
    • सारंगढ़ बिलाईगढ़
  • मध्य प्रदेश
    • डिंडोरी
      • समनापुर
      • सरसीवा
      • सलिहा
  • राजनीति
  • मेरा शहर
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • मध्य प्रदेश
  • राजनीति
  • मेरा शहर
The Bharat TimesThe Bharat Times
Home»छत्तीसगढ़»सात दशक बाद भी सिंधी समाज स्थायी पट्टे से वंचित-
छत्तीसगढ़ बिलासपुर

सात दशक बाद भी सिंधी समाज स्थायी पट्टे से वंचित-

HD MAHANTBy HD MAHANT25/05/2026 - 9:38 AM
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
Share
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

चकरभाठा कैंप और सिंधी कॉलोनी के लोगों में बढ़ता आक्रोश, शासन से शीघ्र समाधान की मांग

सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर 25 मई 2026/ देश विभाजन की त्रासदी झेलकर वर्ष 1947 के आसपास विस्थापन का दर्द सहने वाले सिंधी समाज के लोगों को आज भी स्थायी आशियाने का अधिकार पूरी तरह नहीं मिल पाया है। बिलासपुर के चकरभाठा कैंप एवं सिंधी कॉलोनी में दशकों से निवासरत सिंधी समाज अब तक भूमि के स्थायी पट्टे (लीज/स्वामित्व अधिकार) से वंचित है। लंबे समय से चली आ रही यह मांग अब एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है, जिससे समाज में गहरा असंतोष और चिंता व्याप्त है। जानकारी के अनुसार, विभाजन के बाद बड़ी संख्या में सिंधी परिवारों को चकरभाठा क्षेत्र में बसाया गया था। इन परिवारों ने वर्षों की कठिन मेहनत और संघर्ष से यहां अपना जीवन खड़ा किया, लेकिन स्थायी भूमि अधिकार का सपना आज तक अधूरा ही बना हुआ है। समाज के लोगों का कहना है कि उन्हें अस्थायी पट्टा तो प्रदान किया गया था, किंतु अत्यंत सीमित अवधि के लिए। वर्ष 1970 से 2001 तक की अवधि वाला यह पट्टा समाप्त होने के बाद से समाज लगातार स्थायी पट्टे की मांग कर रहा है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य अजय शर्मा ने इस विषय को गंभीर बताते हुए कहा कि देश विभाजन की पीड़ा झेलने वाले सिंधी समाज को आज भी स्थायी अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए इस समस्या का त्वरित समाधान करना चाहिए। स्थानीय विधायक अमर अग्रवाल ने भी इस विषय पर चिंता और अफसोस व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि कई दशकों से चकरभाठा कैंप में निवासरत सिंधी समाज को अब तक स्थायी पट्टा न मिलना गंभीर विषय है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मामले का शीघ्र निराकरण कर समाज को राहत प्रदान की जाए। बताया जा रहा है कि पूर्व में भी इस संबंध में समाज की ओर से कई बार मांग उठाई जा चुकी है। सिंधी समाज के वरिष्ठजन शत्रुघ्न जैसवानी, कैलाश श्यामनानी, मोहन मदवानी सहित अन्य सामाजिक प्रतिनिधियों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं, जबकि स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। उनका कहना है कि जिन लोगों ने इस भूमि को अपना घर बनाकर पीढ़ियां बिता दीं, उन्हें आज भी स्वामित्व अधिकार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।समाज के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि चकरभाठा एवं सिंधी कॉलोनी की भूमि को नियमित कर स्थायी पट्टा प्रदान किया जाए। इसके लिए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने, जनप्रतिनिधियों के माध्यम से शासन स्तर पर विषय उठाने तथा राजस्व विभाग से प्रक्रिया स्पष्ट कराने की तैयारी भी की जा रही है। जानकारों का मानना है कि यह केवल जमीन का मामला नहीं, बल्कि विस्थापन का दर्द झेल चुके एक पूरे समाज के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों से जुड़ा प्रश्न है। अब देखना होगा कि वर्षों पुरानी इस मांग पर शासन-प्रशासन कितनी गंभीरता से कदम उठाता है।

WhatsApp पर शेयर करें
HD MAHANT
See also  सड़क और ट्रांसफार्मर के पास होलिका दहन नहीं करें: कलेक्टर धर्मेश साहू
Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

Related Posts

बिलासपुर में मूकनायक का तृतीय राष्ट्रीय पत्रकार अधिवेशन भव्यता के साथ संपन्न,

21/10/2026 - 10:36 AM

बिजली ऑपरेटरों के वेतन से ₹500 कटौती का आरोप, सरायपाली संभाग पर उठे सवाल

20/10/2026 - 10:09 PM

जमड़ी में ग्रामीणों ने पकड़ा महुआ शराब बनाने का मामला, पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

20/10/2026 - 10:05 PM

रेल नेटवर्क के विस्तार से बदल रही छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति

19/10/2026 - 7:41 PM

राष्ट्रीय बाइक रैली का कबीरधाम में भव्य स्वागत, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दिखाई हरी झंडी  

19/10/2026 - 4:48 PM

कॉलेज के छात्रों के सामने मीडिया को बताया देश के लिए खतरा, संजय भूषण पांडे के खिलाफ लामबंद हुए पत्रकार संगठन

17/10/2026 - 10:54 PM
Leave A Reply Cancel Reply

पोस्ट

बिलासपुर में मूकनायक का तृतीय राष्ट्रीय पत्रकार अधिवेशन भव्यता के साथ संपन्न,

21/10/2026 - 10:36 AM

बिजली ऑपरेटरों के वेतन से ₹500 कटौती का आरोप, सरायपाली संभाग पर उठे सवाल

20/10/2026 - 10:09 PM

जमड़ी में ग्रामीणों ने पकड़ा महुआ शराब बनाने का मामला, पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

20/10/2026 - 10:05 PM

रायपुर के रावणभाठा में 154 साल से अडिग रावण, सुमित दास महंत ने बताई अनूठी परंपरा

19/10/2026 - 11:29 PM

एच. डी. महंत
मुख्य संपादक

Official Address :
Shop No. 2, Ground Floor, Gokul Apartment, Near Shyam Nagar Chowk, Shyam Nagar, Telibandha Raipur, Chhattisgarh – 492013

Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
UDYAM-CG-33-0000933
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
« Sep    
© 2026 The Bharat Times. Designed by Nimble Technology.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.