
बिलासपुर 23 जनवरी 2026 न्याय व्यवस्था को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से विधि एवं न्याय विभाग, भारत सरकार द्वारा अधिवक्ता अद्वित सिंह बैस को न्यायबंधु नियुक्त किया गया है।न्याय बंधु भारत सरकार की एक विशिष्ट एवं प्रतिष्ठित प्रो बोनो विधिक सहायता पहल है, जिसके अंतर्गत चयनित अधिवक्ता आर्थिक रूप से कमजोर, श्रमिक, मजदूर, वंचित एवं हाशिए पर खड़े वर्गों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान करते हैं।
न्यायिक मंचों पर प्रो-बोनो विधिक सहायता
न्याय बंधु दायित्वों के अनुसार अधिवक्ता अद्वित सिंह बैस अब प्रो-बोनो विधिक सहायता के अंतर्गत बिलासपुर एवं रायपुर जिला एवं सत्र न्यायालय, तथा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से संबंधित मामलों में विधिक प्रक्रिया के माध्यम से न्यायिक सेवा प्रदान करेंगे। देशभर में अन्य स्थानों में भी न्याय विभाग द्वारा न्यायबंधु नियुक्त गए हैं।
निम्न व वंचित वर्ग हेतु उपयोगी पहल
यह पहल उन व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो आर्थिक अभाव या जानकारी के अभाव में न्यायालय तक अपनी बात नहीं पहुँचा पाते।
न्याय बंधु योजना : उद्देश्य और महत्व
न्याय बंधु योजना का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि न्याय केवल साधन-संपन्न वर्ग तक सीमित न रहे, बल्कि समाज का प्रत्येक नागरिक चाहे वह गरीब हो, श्रमिक हो या वंचित-अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा कर सके।यह योजना टेली-लॉ एवं अन्य विधिक सहायता तंत्रों के माध्यम से न्याय को सरल, सुलभ और प्रभावी बनाने का प्रयास करती है।
संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध दृष्टिकोणः अद्वित सिंह बैस
इस अवसर पर अधिवक्ता अद्वित सिंह बैस ने कहा-“न्याय पाना केवल आर्थिक सामर्थ्य का विषय नहीं होना चाहिए।मेरा प्रयास रहेगा कि गरीब, श्रमिक और वंचित वर्ग की आवाज़ न्यायालयों तक पहुँचे,ताकि हर व्यक्ति को यह विश्वास हो सके कि आवश्यकता पड़ने पर वह उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय तक भी न्याय की राह चुन सकता है।”





