राजनांदगांव 6 जून 2026/ पुलिसिंग की नई सीख, सांस्कृतिक जुड़ाव और राष्ट्रीय एकता का अनूठा संगम उस समय देखने को मिला जब गुजरात से आए 15 पुलिसकर्मियों के दल ने लगभग तीन सप्ताह तक राजनांदगांव रेंज का भ्रमण कर छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से जाना। “एक भारत श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के तहत आयोजित इस विशेष पहल ने दो राज्यों की पुलिस के बीच अनुभव, तकनीक, संस्कृति और बेहतर पुलिसिंग के आदान-प्रदान का मजबूत मंच तैयार किया।
17 मई से 6 जून 2026 तक चले इस भ्रमण कार्यक्रम के दौरान गुजरात पुलिस के दल ने राजनांदगांव जिले की विभिन्न इकाइयों का अवलोकन किया। टीम ने महिला प्रकोष्ठ, आईयूसीएडब्ल्यू इकाई, नगर सेना कार्यालय, जिला जेल, यातायात शाखा, साइबर इकाई, पुलिस ट्रेनिंग सेंटर और विभिन्न थानों की कार्यप्रणाली को समझा। इसके साथ ही दल ने राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कबीरधाम तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के पुलिस कार्यों, पर्यटन स्थलों, धार्मिक केंद्रों और सांस्कृतिक विरासत का भी अध्ययन किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा ने गुजरात पुलिस के भ्रमण दल का सम्मान किया। गुजरात से आए अधिकारियों और जवानों ने छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्यशैली को सहज, सरल और मानवीय बताते हुए यहां मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोककला, संस्कृति और सामाजिक समरसता से परिचित होकर वे स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
ज्ञात हो कि “एक भारत श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के तहत गुजरात और छत्तीसगढ़ को जोड़ी राज्य के रूप में चयनित किया गया है। इसी पहल के अंतर्गत दोनों राज्यों के पुलिसकर्मी एक-दूसरे के यहां जाकर कार्यप्रणाली, कानून-व्यवस्था प्रबंधन और सांस्कृतिक मूल्यों को समझ रहे हैं। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती मंजूलता बाज और रक्षित निरीक्षक लोकेश कसेर भी उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि जब सुरक्षा बल सीमाओं से आगे बढ़कर संस्कृति, अनुभव और विश्वास साझा करते हैं, तब ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना वास्तव में जमीन पर साकार होती है।





