Author: HD MAHANT
सुरेश सिंह बैस “शाश्वत” 14 नवम्बर भारत के लिए विशेष महत्व का दिन होता है। इसी दिन 1889 में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का जन्म हुआ था। बच्चों के प्रति उनके अगाध स्नेह और लगाव के कारण यह दिन पूरे देश में बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। बच्चे उन्हें स्नेहपूर्वक “चाचा नेहरू” कहते थे। नेहरू जी का व्यक्तित्व कोमलता और दृढ़ता का अद्भुत संगम था—गुलाब की पंखुड़ियों सी संवेदनशीलता और फौलाद जैसी इच्छाशक्ति। वे मानते थे कि बच्चे राष्ट्र की वास्तविक संपत्ति हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य में ही देश की प्रगति निहित है। नेहरू…
बिलासपुर 4 अप्रैल 2026/ थाना कोटा अंतर्गत चौकी बेलगहना पुलिस ने घातक हथियारों के साथ लूट के प्रयास के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बिना नंबर की मोटरसाइकिल सहित धारदार हथियार भी जब्त किए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 की रात लगभग 10:30 बजे हरिल साय टोप्पों अपने साथियों निलिमा तिर्की एवं रामप्यारी तिर्की के साथ मरीज को अस्पताल में भर्ती कराकर वापस ग्राम विचारपुर लौट रहे थे। इसी दौरान बेलगहना-कोनचरा मार्ग के सुनसान जंगल क्षेत्र, नीलगिरी प्लांट के पास, बिना नंबर की मोटरसाइकिल…
बिलासपुर 4 अप्रैल 2026/ भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए इच्छुक एवं पात्र युवाओं से 10 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिला प्रशासन ने युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है। भर्ती प्रक्रिया के तहत पुरुष अभ्यर्थी जनरल ड्यूटी, तकनीकी, लिपिक, स्टोरकीपर और ट्रेडमैन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं महिला अभ्यर्थियों 3 σ लिए सेना पुलिस तथा स्थायी कैडर में नर्सिंग असिस्टेंट के लिए सेना पुलिस तथा स्थायी कैडर में नर्सिंग असिस्टेंट, नर्सिंग असिस्टेंट (वेट) और सिपाही फार्मा के पद निर्धारित किए गए हैं। अभ्यर्थियों के लिए…
बिलासपुर 4 अप्रैल 2026/ । नगर के विख्यात व वरिष्ठ साहित्यकार सुरेश सिंह बैस की छठवीं पुस्तक “बोलती परछाइयां” जो जीवन के अनमोल संस्मरणों सेझ सुसज्जित है। इस पुस्तक की समीक्षा करते हुए जबलपुर के वरिष्ठ साहित्यकार डॉक्टर कौशल दुबे ने समीक्षा करते हुए कहा कि – व्यक्ति के मानस-पटल पर स्मृति के अनेक चित्र उभरते हैं। कुछ चित्र समय के साथ धुँधले होकर मिट जाते हैं पर, कुछ चित्र ऐसे होते हैं जो मिटाये नहीं मिटते और स्थायी बनकर रह जाते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर समादरित बिलासपुर के साहित्य मनीषी प्रियवर सुरेश सिंह बैस ” शाश्वत” ने “बोलती परछाइयाँ…
बिलासपुर 3 अप्रैल 2026/ ग्राम हिरी में बारात के दौरान हुई मामूली कहासुनी के बाद आरोपित युवक के घर तक पहुंचे। युवकों ने युवक व उसके चाचा पर ईंट व डंडे से हमला कर घायल कर दिया। हमले में पीड़ित के हाथ और उसके चाचा के सिर पर गंभीर न चोटें आई हैं। पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर जांच बा शुरू कर दी है। मस्तूरी पुलिस के अनुसार, ग्राम , हिरीं निवासी विशाल साहू, रोजी-मजदूरी का काम करते है, उन्होंने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। घायल विशाल ने बताया कि गुरुवार रात करीब 1.30 बजे…
सुरेश सिंह बैस “शाश्वत”3 अप्रैल 2026/ दीपावली मूलतः प्रकाश, आस्था और समृद्धि का पर्व है। यह फसल आगमन, नई ऋतु के स्वागत और धन की देवी लक्ष्मी की आराधना का उत्सव रहा है। समय के साथ इसमें आतिशबाज़ी और रंग-बिरंगे फटाकों का समावेश हुआ, जिसने उत्सव को दृश्यात्मक भव्यता प्रदान की। किंतु आतिशबाज़ी का इतिहास दीपावली से कहीं अधिक व्यापक और रोचक है। इसका मूल आधार है बारूद। इतिहासकारों के अनुसार बारूद का आविष्कार लगभग नौवीं शताब्दी में प्राचीन चीन में हुआ। कागज़, मुद्रण, कंपास और बारूद , इन चार महान आविष्कारों के लिए विश्व आज भी चीन का ऋणी है।चीनी…
सुरेश सिंह बैस “शाश्वत”3 अप्रैल 2026/ भारत के वनांचल में यदि किसी वृक्ष को “जीवनदाता” कहा जाए, तो वह निस्संदेह महुआ है। विशेषकर छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और मध्यप्रदेश के आदिवासी अंचलों में महुआ केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि परिवार का अभिन्न सदस्य, आजीविका का मजबूत स्तंभ और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। हाल ही में प्रकाशित समाचार जिसमें महुआ के पेड़ों को आदिवासियों के लिए परिवार के सदस्य जैसा बताया गया है -वास्तव में उस गहरे संबंध को उजागर करता है, जिसे आधुनिक समाज अक्सर समझ नहीं पाता। महुआ का वैज्ञानिक नाम मधुका लोंगीफोलिया है, और यह वृक्ष बहुउपयोगी होने के…
बिलासपुर 3 अप्रैल 2026/ अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, में एक संक्षिप्त किंतु अत्यंत गरिमामय समारोह में प्रोफेसर (डॉ.) ललित प्रकाश पटेरिया ने नवनियुक्त कुलपति के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया। समारोह में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, विभागाध्यक्षों, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। पूरे कार्यक्रम का वातावरण औपचारिक गरिमा, संस्थागत अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा। पदभार ग्रहण के उपरांत विश्वविद्यालय परिवार को संबोधित करते हुए प्रो. (डॉ.) पटेरिया ने अपने विजन को साझा किया। उनके संबोधन के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित रहे:• शैक्षणिक दृष्टिकोण: उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन तक सीमित नहीं है, बल्कि…
बिलासपुर 3 अप्रैल 2026/ लाख कोशिशों के बावजूद सिम्स के सामने अवैध पार्किंग को हटाने में प्रशासनिक अमला विफल हो चुका है। खानापूर्ति कार्रवाई का असर महज दो चार दिनों तक रहता है, इसके बाद स्थिति जस की तस हो जाती है।गुमटियों का डेरा सिम्स में रोजाना दुर्घटना के बाद दो दर्जन से अधिक लोग एम्बुलेंस में पहुंचते हैं, लेकिन जाम की स्थिति के कारण हमेशा विलंब का सामना करना पड़ता है, ऐसे में मरीज की जान भगवान के भरोसे ही होती है। सिम्स प्रबंधन ने नगर निगम और यातायात पुलिस को कई बार चिट्ठी लिखी है, लेकिन समस्या पर…
बिलासपुर 2 अप्रैल 2026/ आज हनुमान जयंती पर शहर में जगह-जगह भोग भंडारा महा आरती, हवन पूजन किया जाना प्रातः से ही शुरू हो गया है।शहर भर में सायं काल को माहौल इतना गहमागहमी और भक्तिमय हो जाएगा की सड़कों पर गलियों में मोहल्ले में केवल भक्तों और श्रद्धालुओं का रेला ही रेला देखने को मिलेगा। कल मनोहर टॉकीज दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में दोपहर को हवन पूजन किया गया। आरती की गई तथा हनुमान चालीसा का पाठ किया गया व प्रसाद का वितरण किया जाएगा। हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर शहर में 400 से अधिक स्थानों पर मंदिरों में एवं…

